Tuesday, January 7, 2014

मुरलियां!!

ना राधा भई ना मिरा..
मैं तो भई मुरलियां
ना अंग लगी ना संग रही..
भई रही बावारियां
ना गोरी ना काली..
ना बिरहन भई ना जोगन
ना प्यार किया ना जोग लिया..
भई रही बासुरियां
ना तेरी गैया,ना ग्वाल..
ना गिरि, ना बिंदाबन
राह पडी,तेरी नझर पडी
या थमा दि किसिने हाथ..
अब फेक दे,या तोड दे
या लगा दे अधरियां..
बस पार लगा दे खिवईया
मैं तो भई तेरी मुरलियां!!

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