कोई जब चला जाता है तब बहोत शोर होता है...रोना, चिल्लाना, मातम मनाना......फिर सब कुछ एकदम शांत और स्थिर हो जाता है
पर कोई कोई जब चले जाते है, न शोर होता है, न आहट ही...बस सब कुछ चुपके से हो जाता है...और फिर दिलो दिमाग में सिर्फ एक ही शोर..क्यों??? आखिर क्यों??? ये आंधियाँ दबे पांव क्यों आती है??? मौत चाहे इंसान की हो या रिश्तो की , आंसू तो हर हाल में ही निकलते है।
पर कोई कोई जब चले जाते है, न शोर होता है, न आहट ही...बस सब कुछ चुपके से हो जाता है...और फिर दिलो दिमाग में सिर्फ एक ही शोर..क्यों??? आखिर क्यों??? ये आंधियाँ दबे पांव क्यों आती है??? मौत चाहे इंसान की हो या रिश्तो की , आंसू तो हर हाल में ही निकलते है।
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