और है भी क्या ज़िन्दगी और मौत के दरमियाँ ,
थोड़े तुम थोड़े हम और बहोत सी यादे ...
पाएंगे क्या इस जहाँ और उस जहाँ के दरमियाँ ,
बीते लम्हों की कुछ प्यार भरी सौगाते ...
थोड़े तुम थोड़े हम और बहोत सी यादे ...
पाएंगे क्या इस जहाँ और उस जहाँ के दरमियाँ ,
बीते लम्हों की कुछ प्यार भरी सौगाते ...
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