Shabd
Wednesday, May 15, 2013
तन्हा
यादों के बक्से के कुछ, नाजुक मोती टूट गए
थोड़े दिल के सहारे थे जो किस्मत से छूट गए
फरियादों के अधूरे अफ़साने अब किसे सुनाए
निगाहों के अलफ़ाज़ जो समजे, वो आज हमसे रुठ गए
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