Shabd
Thursday, November 29, 2012
सागर से कह्दो कि हम साहिल पे मरते हैं
दिल की कश्तियों से फिर भी किनारा करते हैं
डूब डूब के भंवर से तो हम बच आये
लहरो के घेरे में डूबने से फिर भी डरते हैं
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