Thursday, May 17, 2012

आखरी सलाम

आसान सा यह काम आपसे नहीं होगा
लो हम ही किये देते है!!
सफर जिंदगी का बसर अब तन्हा,
तय हम ही किये देते है!!
आंखे नम ना होने पाए कभी आपकी
ये मोती हम ही पिये लेते है!!
आख्ररी सांस तक होगी जुस्तजू आपकी
इसी सांस को आखरी किये देते है!!
मुक्द्दर पर रोने से क्या होगा हासिल
इल्झाम नाकामी का अपने सर लिये लेते है!!
गली से कभी तेरे गुजर ने की ख्वाईश में
आखरी सलाम दुनिया को किये देते है!!

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