Tuesday, May 8, 2012


साहिल को सागर से आज छुडा लाये,
चलो क्शतियों को किनारे पे डुबो आये..
मछ्लियों को दे आझादी, पानी की गिरफ्त से,
आओ रेत का विशाल दरिया बनाये..
मोती को पिछे छोड कुछ पत्थर चुन लाये,
चलो चुल्लु भर पानी में कुछ गोते लगा आये..
अस्त कर दे सुरज को उफ्फान पे लाकर,
लहरों पे पाँव के कुछ निशान छोड आये !!

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