Monday, April 16, 2012


जिन्दगी तेरे दामन में चन्द आंसु बहाये
नग्मे दिल-ए-नादान के तुम्हे सुनाए
आज न वोह नग्मे हैं ना आंसु,ना कोई गम ना कही हम..
बेरुखी का आलम है सारा और बेमुर्र्वत है सनम!!

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