Thursday, March 8, 2012

तुम

मेरी हस्ती,सागर में जुं नदी का बह्ना
तुम हो विशाल दरिया
सुरज को युं अपने आन्चल में समाना
तुम हो अनन्त क्षितीज
हम अद्ना से उड्ते परींदे,हमारी परवान
तुम हो अनन्त आकाश
तुम से ही जिन्दगी, सांसो का चलना
हम दिल तुम धडकन !!

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